महिला किसानों, कृषि मजदूरों और कृषि उद्यमी महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु प्रधानमंत्री मोदीजी को ज्ञापन

पुणे: विश्व मातृ दिवस की पृष्ठभूमि में “भारत माता” तथा देश की महिला किसान, कृषि मजदूर महिलाएं, फल-सब्जी विक्रेता, फूड प्रोसेसिंग और कृषि उद्योग क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए “कृषि नारी सक्षम महासंघ” एवं “कृषि नारी अभियान समिति” की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। “कृषि नारी – समृद्धि नारी” का संदेश देते हुए विकसित भारत २०४७ की संकल्पना में महिला किसानों को विशेष स्थान, सम्मान और राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र योजनाएं प्रदान करने की मांग इस ज्ञापन में की गई है।

इस पहल की संकल्पना रघुनाथ येमुल गुरुजी ने प्रस्तुत की है। “My Kisan Mart” के माध्यम से पिछले १२ वर्षों से किसानों और ग्राहकों को सीधे जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। हजारों किसानों के साथ संवाद के दौरान महिला किसान, कृषि मजदूर महिलाएं तथा फल एवं सब्जी विक्रेता महिलाओं की समस्याएं निकट से सामने आने की बात उन्होंने कही। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को बाजार, उचित मूल्य, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के कारण उनके सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय स्तर पर संगठित आंदोलन की आवश्यकता उन्होंने व्यक्त की।

“कृषि नारी अभियान समिति” में रश्मि मौर्य (महिला किसान प्रतिनिधि), कामिनी बालासाहेब देशमुख (संवर्धन FPC Ltd. की अध्यक्षा), वर्षा पैगवार (Upwards Society, भोपाल की अध्यक्षा) तथा सुषमा सिंह (महिला किसान प्रतिनिधि) समिति में शामिल हैं। “कृषि नारी सक्षम महासंघ” एवं “कृषि नारी अभियान समिति” के मार्गदर्शक विद्या भूषण डॉ. प्रशांत पगारे (कृषि तज्ञ एवं सामाजिक मार्गदर्शक) (बी.ई., एम.बी.ए., एम.एस., डी.आई.सी., पी.जी.डी.आई.सी., पी.जी.डी.सी.सी., एम.एससी., एम.फिल., पीएच.डी., पोस्ट डॉक्टरेट (मैनेजमेंट), डी.लिट., डी.एससी. (लंदन)) और बी.जे. देशमुख (पूर्व प्रशासक कृषि उत्पदन बाजार समिति (APMC) है।

समिति द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में महिला किसानों और कृषि क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं की वास्तविक स्थिति सरकारी आंकड़ों सहित प्रस्तुत की गई है। देश में 3.6 करोड़ से अधिक महिला किसान हैं तथा 6 करोड़ से अधिक महिलाएं कृषि मजदूर के रूप में कार्यरत हैं। डेयरी, पशुपालन, बागवानी और फूड प्रोसेसिंग सहित 10 करोड़ से अधिक महिलाओं का कृषि क्षेत्र से प्रत्यक्ष संबंध है। ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत से अधिक कार्यरत महिलाएं कृषि क्षेत्र में जुड़ी हुई हैं तथा देश के खाद्य उत्पादन में महिलाओं का योगदान 60 से 80 प्रतिशत तक है। इसके बावजूद केवल 13.9 प्रतिशत महिलाओं के पास ही भूमि स्वामित्व है, इस तथ्य को भी ज्ञापन में रेखांकित किया गया है।

“कृषि नारी सक्षम महासंघ” के माध्यम से अगले पांच वर्षों में एक करोड़ महिला किसानों को संगठित करने का लक्ष्य रखा गया है। महिला नेतृत्व में 10 लाख कृषि आधारित सूक्ष्म उद्योग स्थापित करना, स्वयं सहायता समूहों को Farm-to-Market श्रृंखला से जोड़ना, डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे बाजार उपलब्ध कराना, जैविक खेती और फूड प्रोसेसिंग में कौशल विकास करना तथा “Krishi Nari Brand” के अंतर्गत महिला उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने का लक्ष्य समिति ने घोषित किया है।

कार्य योजना के अंतर्गत प्रत्येक राज्य में “कृषि नारी मंडल” की स्थापना, जिला स्तर पर महिला कृषि नेतृत्व केंद्र शुरू करना, आधुनिक खेती, ऑर्गेनिक फार्मिंग, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल लेनदेन और ई-कॉमर्स का प्रशिक्षण देना, गांव स्तर पर महिला संचालित फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना, महिला उत्पादकों को GeM, ONDC और e-NAM जैसे डिजिटल बाजारों से जोड़ना तथा महिला किसानों के लिए स्वतंत्र डिजिटल ऐप विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस ऐप के माध्यम से सरकारी योजनाएं, बाजार भाव, मौसम और कृषि मार्गदर्शन एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।

महिला किसानों के लिए स्वास्थ्य, मातृत्व, पोषण और बीमा सुरक्षा, माइक्रो फाइनेंस, मुद्रा ऋण, स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता, भूमि अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा कृषि क्षेत्र की युवा महिलाओं के लिए Agri-Startup अवसर उपलब्ध कराने की रूपरेखा भी समिति ने प्रस्तुत की है।

समिति के अनुसार इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय में दो से तीन गुना वृद्धि हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, Agri-MSME क्षेत्र का विस्तार, महिला नेतृत्व आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा “आत्मनिर्भर भारत” और “विकसित भारत 2047” की संकल्पनाओं को वास्तविक गति मिल सकती है। महिला किसान, कृषि मजदूर महिलाएं तथा कृषि उत्पादों की बिक्री करने वाली महिलाओं को सम्मान, पहचान और आर्थिक आत्मनिर्भरता मिलने पर ही वास्तविक राष्ट्रीय समृद्धि संभव है, ऐसा समिति ने ज्ञापन में कहा है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

22,027FansLike
3,912FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles