बहु-संवेदी प्रणाली के विकास के लिए नये केंद्र की शुरुआत

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नई दिल्ली: भूकम्प विज्ञान, ध्वनि, इन्फ्रा-रेड (आईआर) और अल्ट्रा-वाइड बैंड (यूडब्ल्यूबी) पर आधारित बहु-संवेदी प्रणाली (मल्टी-सेंसर सिस्टम) के विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की चंडीगढ़ स्थित प्रयोगशाला केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ)में एक विशिष्ट उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जा रहा है। हाल में, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर इंटेलिजेंट सेंसर्स ऐंड सिस्टम्स नामक इस केंद्र का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कियाहै।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के साथ एकीकृत इस सेंटर की तकनीकी विशेषज्ञता का उपयोग सामाजिक एवं सामरिक अनुप्रयोगोंमें किया जाएगा। डॉ हर्षवर्धन ने सीएसआईआर-सीएसआईओ के वैज्ञानिकों से कहा है कि इस पहल से विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग एवं साझेदारियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस पहलसे प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी बढ़ावा मिलेगा।

डॉ हर्ष वर्धन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संस्थान की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि सीएसआईआर-सीएसआईओ ने पहले ऐसी भूकम्प निगरानी प्रणालियों का विकास किया है, जो मेट्रो रेल सिस्टम के लिए वास्तविक समय में आपदा प्रबंधन और सामरिक महत्व के वायु एवं समुद्री डिस्प्ले सिस्टम के विकास में उपयोगी साबित हुई हैं।

केंद्रीय वैज्ञानिक उपकरण संगठन (सीएसआईओ) की स्‍थापना अक्तूबर, 1959 में की गई थी, जो वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की एक प्रमुख इकाई है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में अपने अग्रणी अनुसंधान एवं विकास के लिए विख्यात सीएसआईआर देश का प्रमुख संगठन है। संपूर्ण भारत में सीएसआईआर की 38 राष्‍ट्रीय प्रयोगशालाओं, 39 दूरस्‍थ केन्‍द्रों, तीन नवोन्‍मेषी कॉम्‍प्‍लेक्‍सों और पाँच यूनिटों का सक्रिय नेटवर्क है। (इंडिया साइंस वायर)

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