गुजरात में ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के चलते कोटक महिन्द्रा बैंक ने ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग के तौर-तरीके अपनाने की सलाह दी

सूरत : बीते कुछ महीनों के दौरान गुजरात के कई हिस्सों में साइबर फ्रॉड संबंधी मामलों में बढ़ोतरी देखने में आई है। इन घटनाओं के मद्देनज़र कोटक महिन्द्रा बैंक (KMBL)ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे सतर्क रहें तथा सुरक्षित बैंकिंग के लिए कुछ बुनियादी सावधानियों का पालन करें।

कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन लेनदेन में वृद्धि हुई है; इसके साथ ही बैंकिंग और वित्तीय सेवा उद्योग ने साइबर-संबंधी अपराधों में भी तीव्र वृद्धि देखी है। इनमें से अधिकांश मामले केवायसी और री-केवायसी अपडेशन की आड़ में किए जाते हैं।  

धोखेबाज़ लोग बैंक प्रतिनिधि बन कर मासूम लोगों से सम्पर्क करते हैं और अनजान आईडी या मोबाइल नंबर से उन्हें संदिग्ध संदेश/ लिंक भेज कर उन्हें नो योर कस्टमर (केवायसी) पूरा/अपडेट करने को कहते हैं और उनसे यह भी कहते हैं कि यदि ऐसा न किया गया तो उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया जाएगा। इन संदेशों में ग्राहकों से कहा जाता है कि वे या तो एक खास नंबर पर कॉल करें अथवा लिंक पर क्लिक करें। जब ग्राहक इस लिंक पर क्लिक कर देता है या अपनी गोपनीय सूचना शेयर/ ऐंटर कर देता है तो धोखेबाज़ तत्काल ग्राहक के अकाउंट तक पहुंच हासिल कर लेते हैं, परिणामस्वरूप ग्राहक अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं। धोखाधड़ी करने वाले ऐसा पेज या वैबसाइट भी बना लेते हैं जो बैंक की आधिकारिक वैबसाइट जैसा होता है, ध्यान से न देखो तो असली और नकली के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है।

केवायसी-संबंधी फ्रॉड के अतिरिक्त ग्राहकों को अन्य किस्म की धोखाधड़ी से भी सावधान रहना चाहिए जैसे ईएमआई स्थगन और यूपीआई-संबंधी फ्रॉड।

कोटक महिन्द्रा बैंक में प्रोडक्ट्स, आॉल्टरनेट चैनल्स व कस्टमर ऐक्सपीरियेंस डिलिवरी के प्रेसिडेंट पुनीत कपूर ने कहा, “’आज ग्राहकों के पास ऑनलाइन बैंकिंग हेतु बहुत से टूल्स उपलब्ध हैं जिनके जरिए वे घर बैठे आसान व सुरक्षित तरीके से विभिन्न प्रकार के लेनदेन कर सकते हैं। किंतु इसके साथ ही साइबर अपराधियों की ऑनलाइन धोखेबाज़ियां भी बढ़ गई हैं। हम चाहते हैं कि हमारे ग्राहक सतर्कता से नज़र रखें और कुछ बुनियादी सावधानियां बरतें ताकि वे सुरक्षित रहते हुए बैंकिंग कर सकें।’’

 

सुरक्षित बैंकिंग हेतु उपयोगी बातें :

1.    अपने सीआरएन, पासवर्ड, कार्ड विवरण, सीवीवी, ओटीपी, एटीएम पिन, यूपीआई पिन, मोबाइल बैंकिंग पिन जैसी संवेदनशील जानकारियां किसी को भी न बताएं। कोटक आपसे ऐसी सूचनाएं कभी नहीं पूछता।

2.    केवल विश्वसनीय स्त्रोतों से आए लिंक पर ही क्लिक करें। यदि आपको किसी अनजान व्यक्ति से कोई ईमेल या टैक्स्ट मैसेज आए जिसमें किसी संदिग्ध लिंक पर आपसे क्लिक करने को कहा जाए जो सावधान हो जाएं और उस संदेश को डिलीट कर दें। किसी धमकी पर प्रतिक्रिया न दें या फिर लाॅटरी लगने जैसे संदेश से ललचाएं नहीं। बैंक कभी ऐसे संदेश नहीं भेजता।

3.    अपने मन में संदेहयुक्त अवलोकन को इस प्रकार विकसित करें कि जो ईमेल आईडी आपने पहले कभी न देखा हो उसे पहचान सकें।

4.    स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स जैसे ऐनीडेस्क, टीमव्यूअर आदि को डाउनलोड करने से परहेज़ करें क्योंकि इनके जरिए धोखाधड़ी करने वाले आपके उपकरण को काबू में कर लेते हैं, आपकी गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर के आपकी जानकारी के बगैर आपके बैंक खाते और धन तक पहुंच जाते हैं।

5.    यूपीआई से पैसे प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करने या पिन/ओटीपी ऐंटर करने की जरूरत नहीं पड़ती।

6.    बैंकिंग ट्रांज़ेक्शन पर तुरंत अपडेट पाने के लिए अपने एसएमएस और ईमेल अल्र्ट को एक्टिवेट करें। ट्रांजेक्शन संबंधी संदेशों और पॉप-अप को बारीकी से जांचें।

7.    अपनी कॉन्टैक्ट डिटेल्स को बैंक के पास अपडेट रखें।

8.    बैंक से सम्पर्क की जानकारी के लिए हमेशा बैंक की अधिकारिक वैबसाइट www.kotak.com विज़िट करें।

9.    इसी तरह, जब भी ई-कॉमर्स या किसी सेवा प्रदाता के नंबर ऑनलाइन तलाश रहे हों तो सतर्क रहें, कंपनी की आधिकारिक वैबसाइट पर जाकर नंबर प्राप्त करें।

10. आपके लैपटॉप/ मोबाइल निर्माता द्वारा नियमित तौर पर सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किए जाते हैं, उन्हें अपडेट जरूर करें ताकि आपका उपकरण सुरक्षित रहे।

11. अपने सिस्टम में एक अच्छा एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इन्स्टॉल कर के धोखेबाज़ों से बचें।

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